संसार की नश्वरता, असारता और क्षणभंगुरता का बोध होने पर चित्त में उत्पन्न होने वाली पूर्ण उदासीनता (शांत रस का स्थायी भाव)
EN:The calm, contemplative dispassion and worldly detachment born from recognizing temporal vanity; world-weary tranquility / nirveda
निर्वेद
Nirveda• Tranquil Dispassion / Worldly Detachment
✍️Sentence Usage (वाक्य प्रयोग) (वाक्य प्रयोग)
कबीरदास जी के भजनों में संसार की मायावी नश्वरता का वर्णन सुनकर अंतःकरण में निर्वेद का भाव जाग्रत होता है।
Translation: "Upon hearing Kabir's hymns describing the illusory transience of the world, a sentiment of tranquil dispassion awakens in the soul."
व्याकरण विश्लेषण व संक्षिप्तीकरण • GRAMMATICAL NOTE
वाक्य में जब "संसार की नश्वरता, असारता और क्षणभंगुरता का बोध होने पर चित्त में उत्पन्न होने वाली पूर्ण उदासीनता (शांत रस का स्थायी भाव)" जैसे विस्तृत भाव को संक्षेप में व्यक्त करना हो, तब "निर्वेद" का प्रयोग किया जाता है। इससे भाषा अधिक प्रभावशाली, चुस्त और व्याकरण सम्मत बनती है।