दूसरों के सौभाग्य, ज्ञान और समृद्धि को तनिक भी सहन न कर पाने का अत्यंत संकीर्ण ईर्ष्या-भाव
EN:A petty and intolerant grudge incapable of bearing any glory or advantage attained by a rival; intense rancor / begrudging
मात्सर्य
Maatsarya• Intense Rancor / Begrudging Jealousy
✍️Sentence Usage (वाक्य प्रयोग) (वाक्य प्रयोग)
शास्त्रों में काम, क्रोध, मद और लोभ के साथ मात्सर्य को भी अंतःकरण का प्रबल शत्रु घोषित किया गया है।
Translation: "In ancient scriptures, along with lust, wrath, pride, and greed, intense rancor is proclaimed a formidable internal enemy."
व्याकरण विश्लेषण व संक्षिप्तीकरण • GRAMMATICAL NOTE
वाक्य में जब "दूसरों के सौभाग्य, ज्ञान और समृद्धि को तनिक भी सहन न कर पाने का अत्यंत संकीर्ण ईर्ष्या-भाव" जैसे विस्तृत भाव को संक्षेप में व्यक्त करना हो, तब "मात्सर्य" का प्रयोग किया जाता है। इससे भाषा अधिक प्रभावशाली, चुस्त और व्याकरण सम्मत बनती है।