करता था सो क्यों रहा, अब करि क्यों पछिताय।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥
Karta tha so kyon raha, ab kari kyon pachhitay. / Boya ped babool ka, aam kahan se khaay.
कबीरदास जी कर्मफल के अकाट्य सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि जब तू दुष्कर्म कर रहा था, तब तूने अपने कर्मों पर विचार क्यों नहीं किया? अब परिणाम सामने आने पर पछताने से क्या लाभ? यदि तूने बबूल (काँटों वाला पेड़) बोया है, तो उससे मीठे आम फलने की आशा कैसे कर सकता है? जैसा कर्म मनुष्य बोता है, वैसा ही फल उसे काटना पड़ता है।
English: Why did you heedlessly commit misdeeds while doing them, and why lament now when the consequence arrives? If you sowed thorny acacia seeds, how can you expect to harvest luscious mangoes? As a human sows in actions, so must they reap.