Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "त्" के बाद "च" आने पर "त्" भी "च्" में परिवर्तित हो जाता है।
"भाषा शिक्षण में वर्णों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण अत्यंत आवश्यक माना गया है।"
दो मूल सार्थक पद
Ullekh (Ut + Lekh)
"त्" के बाद "ल" आने पर "त्" ल-वर्ण में विलीन होकर "ल्ल" बन जाता है।
Dental "t" assimilates into lateral "l" before "l".
"इतिहासकार ने अपनी शोध पुस्तक में प्राचीन नगरों की वास्तुकला का विस्तार से उल्लेख किया है।"
"The historian has explicitly mentioned (Ullekh) ancient town architecture in his research book."
"उल्लेख" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "उत् + लेख" है।
"उल्लेख" में मुख्य रूप से "व्यंजन संधि" (विशिष्ट उपभेद: 'त्/द्' सम्बन्धी विशेष नियम) है।
"त्" के बाद "ल" आने पर "त्" ल-वर्ण में विलीन होकर "ल्ल" बन जाता है। (ध्वनि सूत्र: त् + ल = ल्ल)
English Translation: "The historian has explicitly mentioned (Ullekh) ancient town architecture in his research book." | Sentence in Hindi: "इतिहासकार ने अपनी शोध पुस्तक में प्राचीन नगरों की वास्तुकला का विस्तार से उल्लेख किया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "त्" के बाद "च" आने पर "त्" भी "च्" में परिवर्तित हो जाता है।
"भाषा शिक्षण में वर्णों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण अत्यंत आवश्यक माना गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "त्" के बाद "ज" आने पर "त्" भी "ज्" में बदल जाता है।
"सज्जन पुरुष विपत्ति के समय भी अपने धर्म, सत्य और मर्यादा का परित्याग नहीं करते हैं।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "त्" के बाद "ज्" आने पर "त्" भी "ज्" में बदल जाता है (ध्यान रहे इसमें दोनों "ज्" आधे होते हैं)।
"परिश्रमी और मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य सदैव उज्ज्वल और प्रेरणादायक होता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "त्" के बाद "च" आने पर "त्" का विकार होकर आधा "च्" बन जाता है।
"सच्चरित्र व्यक्ति समाज में सभी के आदर और सम्मान का पात्र होता है।"