Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "त्" के बाद "च" आने पर "त्" भी "च्" में परिवर्तित हो जाता है।
"भाषा शिक्षण में वर्णों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण अत्यंत आवश्यक माना गया है।"
दो मूल सार्थक पद
Uchchhvas (Ut + Shwas)
"त्" के बाद तालव्य "श" आने पर "त्" का "च्" तथा "श" का "छ" हो जाता है (त् + श = च्छ)।
Before sibilant "sh", dental "t" becomes "ch" while "sh" mutates into aspirate "chh".
"कष्टकारी समाचार सुनकर उसके मुख से एक गहरा और निराशा भरा उच्छ्वास निकल पड़ा।"
"Hearing distressing news, a deep, despairing sigh (Uchchhvas) escaped his lips."
"उच्छ्वास" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "उत् + श्वास" है।
"उच्छ्वास" में मुख्य रूप से "व्यंजन संधि" (विशिष्ट उपभेद: 'त्/द्' सम्बन्धी विशेष नियम) है।
"त्" के बाद तालव्य "श" आने पर "त्" का "च्" तथा "श" का "छ" हो जाता है (त् + श = च्छ)। (ध्वनि सूत्र: त् + श = च्छ)
English Translation: "Hearing distressing news, a deep, despairing sigh (Uchchhvas) escaped his lips." | Sentence in Hindi: "कष्टकारी समाचार सुनकर उसके मुख से एक गहरा और निराशा भरा उच्छ्वास निकल पड़ा।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "त्" के बाद "च" आने पर "त्" भी "च्" में परिवर्तित हो जाता है।
"भाषा शिक्षण में वर्णों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण अत्यंत आवश्यक माना गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "त्" के बाद "ज" आने पर "त्" भी "ज्" में बदल जाता है।
"सज्जन पुरुष विपत्ति के समय भी अपने धर्म, सत्य और मर्यादा का परित्याग नहीं करते हैं।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "त्" के बाद "ज्" आने पर "त्" भी "ज्" में बदल जाता है (ध्यान रहे इसमें दोनों "ज्" आधे होते हैं)।
"परिश्रमी और मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य सदैव उज्ज्वल और प्रेरणादायक होता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "त्" के बाद "च" आने पर "त्" का विकार होकर आधा "च्" बन जाता है।
"सच्चरित्र व्यक्ति समाज में सभी के आदर और सम्मान का पात्र होता है।"