Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य व्यंजन "च" आने पर विसर्ग तालव्य वर्ण आधे "श्" में बदल जाता है।
"हिमालय अपनी विशाल और गगनचुंबी चोटियों के साथ सदियों से निश्चल भाव से प्रहरी बनकर खड़ा है।"
दो मूल सार्थक पद
Tapashcharya (Tapah + Charya)
विसर्ग के बाद तालव्य "च" आने पर विसर्ग तालव्य "श्" में रूपांतरित हो जाता है।
Visarga converts into palatal sibilant "sh" upon encountering palatal "ch".
"प्राचीन ऋषियों ने हिमालय की शांत कंदराओं में दीर्घकालिक तपश्चर्या करके आत्मज्ञान प्राप्त किया।"
"Ancient sages attained enlightenment through protracted austerities (Tapashcharya) in Himalayan caves."
"तपश्चर्या" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "तपः + चर्या" है।
"तपश्चर्या" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का तालव्य 'श्' में परिवर्तन) है।
विसर्ग के बाद तालव्य "च" आने पर विसर्ग तालव्य "श्" में रूपांतरित हो जाता है। (ध्वनि सूत्र: ः + च = श्च)
English Translation: "Ancient sages attained enlightenment through protracted austerities (Tapashcharya) in Himalayan caves." | Sentence in Hindi: "प्राचीन ऋषियों ने हिमालय की शांत कंदराओं में दीर्घकालिक तपश्चर्या करके आत्मज्ञान प्राप्त किया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य व्यंजन "च" आने पर विसर्ग तालव्य वर्ण आधे "श्" में बदल जाता है।
"हिमालय अपनी विशाल और गगनचुंबी चोटियों के साथ सदियों से निश्चल भाव से प्रहरी बनकर खड़ा है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के उपरांत "च" वर्ण आने से विसर्ग का विकार होकर तालव्य आधा "श्" बन जाता है।
"वार्षिक परीक्षा की संपूर्ण तैयारी समय पर पूर्ण कर लेने के बाद विद्यार्थी निश्चिंत हो गया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य महाप्राण व्यंजन "छ" आने पर विसर्ग आधे "श्" में रूपांतरित हो जाता है।
"ग्रामीण जीवन की सरलता और वहाँ के लोगों का निश्छल व्यवहार मन को गहराई से छू लेता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य वर्ण "च" आने पर विसर्ग तालव्य "श्" में बदल जाता है।
"महाराजा हरिश्चंद्र ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए अपने समस्त राजपाट और सुख का त्याग कर दिया।"