Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" तथा द्वितीय पद के प्रारंभ में दीर्घ "आ" के मेल से दीर्घ "आ" स्वर बन जाता है।
"हमारे नगर का केंद्रीय विद्यालय अनुशासन और श्रेष्ठ परीक्षा परिणामों के लिए विख्यात है।"
दो मूल सार्थक पद
Ravindra (Ravi + Indra)
प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "इ" और द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "इ" मिलकर दीर्घ "ई" बन जाते हैं।
Short "i" meeting short "i" transforms into long "ee".
"गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान जन-गण-मन की रचना कर संपूर्ण भारत को गौरवान्वित किया।"
"Gurudev Ravindranath Tagore composed the national anthem, bringing immense pride to India."
"रवीन्द्र" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "रवि + इन्द्र" है।
"रवीन्द्र" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: दीर्घ स्वर संधि) है।
प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "इ" और द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "इ" मिलकर दीर्घ "ई" बन जाते हैं। (ध्वनि सूत्र: इ + इ = ई)
English Translation: "Gurudev Ravindranath Tagore composed the national anthem, bringing immense pride to India." | Sentence in Hindi: "गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान जन-गण-मन की रचना कर संपूर्ण भारत को गौरवान्वित किया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" तथा द्वितीय पद के प्रारंभ में दीर्घ "आ" के मेल से दीर्घ "आ" स्वर बन जाता है।
"हमारे नगर का केंद्रीय विद्यालय अनुशासन और श्रेष्ठ परीक्षा परिणामों के लिए विख्यात है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में दीर्घ "आ" के मिलने से दीर्घ "आ" स्वर बन जाता है।
"प्रातःकाल देवालय में घंटा-ध्वनि और शंखनाद से वातावरण अत्यंत पावन हो जाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" तथा द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "अ" के परस्पर मिलने से दीर्घ "आ" बन जाता है।
"राजा ने अपनी प्रजा के कल्याण हेतु धर्मार्थ चिकित्सालय और अन्नक्षेत्र की स्थापना की।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "अ" के बाद पुनः ह्रस्व "अ" आने पर दोनों के स्थान पर दीर्घ "आ" की मात्रा हो जाती है।
"संत कबीर के अनुसार जो व्यक्ति परमार्थ के कार्यों में जीवन बिताता है, उसका जीवन सार्थक है।"