मानक संधि विच्छेद
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)
पितृ + ऋण

दो मूल सार्थक पद

➔
ऋ + ऋ = ऋ
✓Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)

पितृण

Pitrin (Pitri + Rin)

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Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र)

हिंदी व्याकरण नियम व्याख्या (Rule Explanation in Hindi):

प्रथम पद के अंत में "ऋ" और द्वितीय पद के आदि में "ऋ" के मेल से दीर्घ ऋ रूप बनता है (हिंदी वर्तनी में ऋ रूप ही प्रयुक्त होता है)।

English Grammatical Rule & Principle:

Short vowel "ri" meeting another "ri" combines into homogeneous "ri".

मूल सूत्र: ह्रस्व/दीर्घ (अ, इ, उ, ऋ) + समान ह्रस्व/दीर्घ (अ, इ, उ, ऋ) = दीर्घ (आ, ई, ऊ, ऋ)
संपूर्ण नियम व्याख्या देखें →
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Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

प्रामाणिक हिंदी वाक्य प्रयोग:

"माता-पिता की निस्वार्थ सेवा और आज्ञापालन करके ही मनुष्य पितृण से उऋण हो सकता है।"

English Translation:

"Only through selfless service and obedience towards parents can one be liberated from filial debt (Pitrin)."

❓

'पितृण' से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

"पितृण" का सही संधि विच्छेद क्या है?▼

"पितृण" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "पितृ + ऋण" है।

"पितृण" में कौन सी संधि है?▼

"पितृण" में मुख्य रूप से "स्वर संधि" (विशिष्ट उपभेद: दीर्घ स्वर संधि) है।

"पितृण" के विच्छेद में कौन सा व्याकरण नियम और सूत्र प्रयुक्त हुआ है?▼

प्रथम पद के अंत में "ऋ" और द्वितीय पद के आदि में "ऋ" के मेल से दीर्घ ऋ रूप बनता है (हिंदी वर्तनी में ऋ रूप ही प्रयुक्त होता है)। (ध्वनि सूत्र: ऋ + ऋ = ऋ)

What is the meaning and sentence usage of "पितृण" in English?▼

English Translation: "Only through selfless service and obedience towards parents can one be liberated from filial debt (Pitrin)." | Sentence in Hindi: "माता-पिता की निस्वार्थ सेवा और आज्ञापालन करके ही मनुष्य पितृण से उऋण हो सकता है।"

दीर्घ स्वर संधि के अन्य प्रमुख शब्द

सभी उदाहरण देखें →
स्वर संधिदीर्घ स्वर संधि🎓 Class 8-10
आ + आ = आ
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)विद्या + आलय
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)विद्यालय

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में दीर्घ "आ" तथा द्वितीय पद के प्रारंभ में दीर्घ "आ" के मेल से दीर्घ "आ" स्वर बन जाता है।

"हमारे नगर का केंद्रीय विद्यालय अनुशासन और श्रेष्ठ परीक्षा परिणामों के लिए विख्यात है।"

स्वर संधिदीर्घ स्वर संधि🎓 Class 8-10
अ + आ = आ
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)देव + आलय
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)देवालय

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" और द्वितीय पद के आदि में दीर्घ "आ" के मिलने से दीर्घ "आ" स्वर बन जाता है।

"प्रातःकाल देवालय में घंटा-ध्वनि और शंखनाद से वातावरण अत्यंत पावन हो जाता है।"

स्वर संधिदीर्घ स्वर संधि🎓 Class 8-10
अ + अ = आ
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)धर्म + अर्थ
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)धर्मार्थ

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में ह्रस्व "अ" तथा द्वितीय पद के आदि में ह्रस्व "अ" के परस्पर मिलने से दीर्घ "आ" बन जाता है।

"राजा ने अपनी प्रजा के कल्याण हेतु धर्मार्थ चिकित्सालय और अन्नक्षेत्र की स्थापना की।"

स्वर संधिदीर्घ स्वर संधि🎓 Class 8-10
अ + अ = आ
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)परम + अर्थ
➔
Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)परमार्थ

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ह्रस्व "अ" के बाद पुनः ह्रस्व "अ" आने पर दोनों के स्थान पर दीर्घ "आ" की मात्रा हो जाती है।

"संत कबीर के अनुसार जो व्यक्ति परमार्थ के कार्यों में जीवन बिताता है, उसका जीवन सार्थक है।"