Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य व्यंजन "च" आने पर विसर्ग तालव्य वर्ण आधे "श्" में बदल जाता है।
"हिमालय अपनी विशाल और गगनचुंबी चोटियों के साथ सदियों से निश्चल भाव से प्रहरी बनकर खड़ा है।"
दो मूल सार्थक पद
Dushshasan (Duh + Shaasan)
विसर्ग के बाद तालव्य "श" आने पर विसर्ग भी तालव्य "श्" में बदल जाता है (अथवा विसर्ग सुरक्षित भी रह सकता है: दुःशासन)।
Before sibilant "sh", visarga assimilates into identical palatal sibilant half "sh".
"महाभारत के प्रसंग में द्युतसभा के भीतर दुश्शासन का आचरण अधर्म और घोर अन्याय की पराकाष्ठा था।"
"In the Mahabharata gambling hall, Dushshasan's behavior reached the pinnacle of indignity and sin."
"दुश्शासन" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "दुः + शासन" है।
"दुश्शासन" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का तालव्य 'श्' में परिवर्तन) है।
विसर्ग के बाद तालव्य "श" आने पर विसर्ग भी तालव्य "श्" में बदल जाता है (अथवा विसर्ग सुरक्षित भी रह सकता है: दुःशासन)। (ध्वनि सूत्र: ः + श = श्श)
English Translation: "In the Mahabharata gambling hall, Dushshasan's behavior reached the pinnacle of indignity and sin." | Sentence in Hindi: "महाभारत के प्रसंग में द्युतसभा के भीतर दुश्शासन का आचरण अधर्म और घोर अन्याय की पराकाष्ठा था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य व्यंजन "च" आने पर विसर्ग तालव्य वर्ण आधे "श्" में बदल जाता है।
"हिमालय अपनी विशाल और गगनचुंबी चोटियों के साथ सदियों से निश्चल भाव से प्रहरी बनकर खड़ा है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के उपरांत "च" वर्ण आने से विसर्ग का विकार होकर तालव्य आधा "श्" बन जाता है।
"वार्षिक परीक्षा की संपूर्ण तैयारी समय पर पूर्ण कर लेने के बाद विद्यार्थी निश्चिंत हो गया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य महाप्राण व्यंजन "छ" आने पर विसर्ग आधे "श्" में रूपांतरित हो जाता है।
"ग्रामीण जीवन की सरलता और वहाँ के लोगों का निश्छल व्यवहार मन को गहराई से छू लेता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद तालव्य वर्ण "च" आने पर विसर्ग तालव्य "श्" में बदल जाता है।
"महाराजा हरिश्चंद्र ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए अपने समस्त राजपाट और सुख का त्याग कर दिया।"