Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): उपसर्ग "वि" के ह्रस्व "इ" के बाद "स" आने पर दन्त्य "स्" मूर्धन्य "ष्" में रूपांतरित हो जाता है।
"धैर्यवान व्यक्ति जीवन की विषम से विषम परिस्थितियों में भी अपना मानसिक संतुलन नहीं खोता।"
दो मूल सार्थक पद
Abhishek (Abhi + Sek)
दन्त्य वर्ण "स्" से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने के कारण "स्" मूर्धन्य वर्ण "ष्" में परिवर्तित हो जाता है।
Preceding non-a/aa vowel "i" causes following dental "s" to transmute into retroflex "sh".
"प्राचीन काल में राजाओं के राजतिलक के समय विधि-विधान से पावन नदियों के जल से अभिषेक किया जाता था।"
"In antiquity, during the coronation of kings, ceremonial consecration (Abhishek) was performed with holy waters."
"अभिषेक" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "अभि + सेक" है।
"अभिषेक" में मुख्य रूप से "व्यंजन संधि" (विशिष्ट उपभेद: 'स्' का 'ष्' में परिवर्तन नियम (षत्व विधान)) है।
दन्त्य वर्ण "स्" से पूर्व "अ/आ" से भिन्न स्वर "इ" होने के कारण "स्" मूर्धन्य वर्ण "ष्" में परिवर्तित हो जाता है। (ध्वनि सूत्र: इ + स = ष)
English Translation: "In antiquity, during the coronation of kings, ceremonial consecration (Abhishek) was performed with holy waters." | Sentence in Hindi: "प्राचीन काल में राजाओं के राजतिलक के समय विधि-विधान से पावन नदियों के जल से अभिषेक किया जाता था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): उपसर्ग "वि" के ह्रस्व "इ" के बाद "स" आने पर दन्त्य "स्" मूर्धन्य "ष्" में रूपांतरित हो जाता है।
"धैर्यवान व्यक्ति जीवन की विषम से विषम परिस्थितियों में भी अपना मानसिक संतुलन नहीं खोता।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): उपसर्ग "नि" के अंत में स्थित "इ" स्वर के कारण उत्तर पद का "स्" मूर्धन्य "ष्" में बदल जाता है।
"सुरक्षा कारणों से आम नागरिकों का संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में प्रवेश पूर्णतः निषिद्ध है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "वि" के "इ" स्वर के पश्चात आने वाला दन्त्य "स्" मूर्धन्य "ष्" में बदल जाता है।
"महाभारत के आरंभ में कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन के मन में गहरा विषाद उत्पन्न हो गया था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): उपसर्ग "सु" के ह्रस्व "उ" के प्रभाव से उत्तर पद का दन्त्य "स्" मूर्धन्य "ष्" में बदल जाता है।
"वसंत ऋतु के आगमन पर प्रकृति की अनुपम और मनमोहक सुषमा देखते ही बनती है।"