जिसकी बुद्धि सुख और दुख में एक समान स्थिर और विचलित न हो
EN:One of steadfast intellect who remains equanimous in both joy and sorrow
स्थितप्रज्ञ
Sthitaprajna• Steadfast of Intellect / Equanimous Sage
✍️Sentence Usage (वाक्य प्रयोग) (वाक्य प्रयोग)
श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय में श्रीकृष्ण ने स्थितप्रज्ञ पुरुष के दिव्य लक्षणों का वर्णन किया है।
Translation: "In the second chapter of the Bhagavad Gita, Lord Krishna described the divine attributes of an equanimous sage of steadfast intellect."
व्याकरण विश्लेषण व संक्षिप्तीकरण • GRAMMATICAL NOTE
वाक्य में जब "जिसकी बुद्धि सुख और दुख में एक समान स्थिर और विचलित न हो" जैसे विस्तृत भाव को संक्षेप में व्यक्त करना हो, तब "स्थितप्रज्ञ" का प्रयोग किया जाता है। इससे भाषा अधिक प्रभावशाली, चुस्त और व्याकरण सम्मत बनती है।