जिह्वा (जीभ) के स्वाद-ग्रंथियों में स्थित वह इंद्रिय जिससे मीठे, खट्टे, कड़वे और लवणयुक्त स्वादों का ज्ञान होता है
EN:The sensory organ of taste located on the gustatory papillae of the tongue; gustatory organ / sense of taste
रसनेन्द्रिय
Rasanendriya• Gustatory Organ / Sense of Taste
✍️Sentence Usage (वाक्य प्रयोग) (वाक्य प्रयोग)
संयमी साधक अपनी रसनेन्द्रिय पर नियंत्रण रखकर केवल सात्त्विक और सुपाच्य आहार ग्रहण करता है।
Translation: "A disciplined seeker exercises control over his gustatory sense and partakes only of pure, easily digestible nourishment."
व्याकरण विश्लेषण व संक्षिप्तीकरण • GRAMMATICAL NOTE
वाक्य में जब "जिह्वा (जीभ) के स्वाद-ग्रंथियों में स्थित वह इंद्रिय जिससे मीठे, खट्टे, कड़वे और लवणयुक्त स्वादों का ज्ञान होता है" जैसे विस्तृत भाव को संक्षेप में व्यक्त करना हो, तब "रसनेन्द्रिय" का प्रयोग किया जाता है। इससे भाषा अधिक प्रभावशाली, चुस्त और व्याकरण सम्मत बनती है।