Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)
षट् + मुख

दो मूल सार्थक पद

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ट् + म = ण्म
✓Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)

षण्मुख

Shanmukh (Shat + Mukh)

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Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र)

हिंदी व्याकरण नियम व्याख्या (Rule Explanation in Hindi):

"ट्" के बाद अनुनासिक "म्" आने पर "ट्" अपने वर्ग के पाँचवें वर्ण मूर्धन्य "ण्" में बदल जाता है।

English Grammatical Rule & Principle:

Retroflex "t" shifts to nasal "na" upon meeting nasal consonant "m".

मूल सूत्र: वर्ग का पहला वर्ण (क्, ट्, त्, प्) + अनुनासिक वर्ण (न् या म्) = अपने ही वर्ग का पाँचवाँ वर्ण (ङ्, ण्, न्, म्)
संपूर्ण नियम व्याख्या देखें →
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Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

प्रामाणिक हिंदी वाक्य प्रयोग:

"छह मुख वाले होने के कारण भगवान कार्तिकेय को षण्मुख नाम से भी जाना जाता है।"

English Translation:

"Because of possessing six faces, Lord Kartikeya is also known by the name Shanmukh."

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'षण्मुख' से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

"षण्मुख" का सही संधि विच्छेद क्या है?▼

"षण्मुख" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "षट् + मुख" है।

"षण्मुख" में कौन सी संधि है?▼

"षण्मुख" में मुख्य रूप से "व्यंजन संधि" (विशिष्ट उपभेद: वर्ग के पहले वर्ण का पाँचवें वर्ण में परिवर्तन) है।

"षण्मुख" के विच्छेद में कौन सा व्याकरण नियम और सूत्र प्रयुक्त हुआ है?▼

"ट्" के बाद अनुनासिक "म्" आने पर "ट्" अपने वर्ग के पाँचवें वर्ण मूर्धन्य "ण्" में बदल जाता है। (ध्वनि सूत्र: ट् + म = ण्म)

What is the meaning and sentence usage of "षण्मुख" in English?▼

English Translation: "Because of possessing six faces, Lord Kartikeya is also known by the name Shanmukh." | Sentence in Hindi: "छह मुख वाले होने के कारण भगवान कार्तिकेय को षण्मुख नाम से भी जाना जाता है।"

वर्ग के पहले वर्ण का पाँचवें वर्ण में परिवर्तन के अन्य प्रमुख शब्द

सभी उदाहरण देखें →
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)वाक् + मय
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)वाङ्मय

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "क्" के बाद अनुनासिक वर्ण "म्" आने पर "क्" अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण (अनुनासिक) "ङ्" में बदल जाता है।

"प्राचीन भारतीय संस्कृत वाङ्मय ज्ञान-विज्ञान, दर्शन और मानवीय संवेदनाओं का अक्षय भंडार है।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)उत् + नति
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)उन्नति

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंतिम वर्ण "त्" के बाद अनुनासिक वर्ण "न्" आने पर "त्" अपने वर्ग के पाँचवें वर्ण "न्" में बदल जाता है।

"निरंतर कठोर अनुशासन और परिश्रम करने वाले युवा जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति प्राप्त करते हैं।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)जगत् + नाथ
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)जगन्नाथ

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "त्" के बाद अनुनासिक व्यंजन "न्" आने पर "त्" अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण "न्" में परिवर्तित होकर द्वित्व (न्न) बनाता है।

"पुरी स्थित जगन्नाथ मन्दिर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली रथयात्रा विश्व प्रसिद्ध है।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)षट् + मास
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)षण्मास

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ट-वर्ग के प्रथम वर्ण "ट्" के बाद अनुनासिक वर्ण "म्" आने पर "ट्" अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण "ण्" में बदल जाता है।

"गुरुकुल में छह महीनों (षण्मास) की सघन साधना के उपरांत शिष्यों की परीक्षा ली जाती थी।"