Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)
सम् + योग

दो मूल सार्थक पद

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म् + य = ंय
✓Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)

संयोग

Sanyog (Sam + Yog)

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Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र)

हिंदी व्याकरण नियम व्याख्या (Rule Explanation in Hindi):

"म्" के बाद अंतःस्थ व्यंजन "य" आने पर "म्" अनिवार्य रूप से अनुस्वार (ं) में बदलता है।

English Grammatical Rule & Principle:

Before semi-vowel "y", consonant "m" strictly changes into anusvara.

मूल सूत्र: म् + स्पर्श व्यंजन = अनुस्वार (ं) या पंचमाक्षर | म् + अंतःस्थ/ऊष्म = सदैव अनुस्वार | म् + म = म्म
संपूर्ण नियम व्याख्या देखें →
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Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

प्रामाणिक हिंदी वाक्य प्रयोग:

"वर्षों बाद तीर्थयात्रा के दौरान पुराने सहपाठियों का आपस में मिलना एक सुखद संयोग था।"

English Translation:

"Meeting old classmates after years during the pilgrimage was a delightful coincidence (Sanyog)."

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'संयोग' से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

"संयोग" का सही संधि विच्छेद क्या है?▼

"संयोग" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "सम् + योग" है।

"संयोग" में कौन सी संधि है?▼

"संयोग" में मुख्य रूप से "व्यंजन संधि" (विशिष्ट उपभेद: 'म्' सम्बन्धी नियम (अनुस्वार एवं द्वित्व)) है।

"संयोग" के विच्छेद में कौन सा व्याकरण नियम और सूत्र प्रयुक्त हुआ है?▼

"म्" के बाद अंतःस्थ व्यंजन "य" आने पर "म्" अनिवार्य रूप से अनुस्वार (ं) में बदलता है। (ध्वनि सूत्र: म् + य = ंय)

What is the meaning and sentence usage of "संयोग" in English?▼

English Translation: "Meeting old classmates after years during the pilgrimage was a delightful coincidence (Sanyog)." | Sentence in Hindi: "वर्षों बाद तीर्थयात्रा के दौरान पुराने सहपाठियों का आपस में मिलना एक सुखद संयोग था।"

'म्' सम्बन्धी नियम (अनुस्वार एवं द्वित्व) के अन्य प्रमुख शब्द

सभी उदाहरण देखें →
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)सम् + सार
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)संसार

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंतिम वर्ण "म्" के बाद ऊष्म व्यंजन "स" आने पर "म्" सदैव अनुस्वार (ं) में परिवर्तित हो जाता है।

"महापुरुषों का विचार है कि यह संसार कर्मक्षेत्र है जहाँ प्रत्येक प्राणी को अपने कर्मों का फल मिलता है।"

म् + क = ङ्क / ंक
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)सम् + कल्प
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)संकल्प

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "म्" के बाद क-वर्ग का वर्ण "क" आने पर "म्" अनुस्वार (ं) अथवा उस वर्ग के पंचमाक्षर "ङ्" में बदल जाता है।

"दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास से कोई भी कठिन परीक्षा सरलता से उत्तीर्ण की जा सकती है।"

म् + च = ञ्च / ंच
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)सम् + चय
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)संचय

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "म्" के बाद च-वर्ग का वर्ण "च" आने पर "म्" अनुस्वार (ं) अथवा पंचमाक्षर "ञ" में बदल जाता है।

"भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षित रहने के लिए धन और संसाधनों का सदुपयोगी संचय आवश्यक है।"

म् + त = न्त / ंत
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)सम् + तोष
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)संतोष

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "म्" के बाद त-वर्ग का वर्ण "त" आने पर "म्" अनुस्वार (ं) अथवा पंचमाक्षर "न्" में बदल जाता है।

"नीतिकारों का कथन है कि संतोष ही मनुष्य का सबसे बड़ा और अमूल्य धन है।"