Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)
सत् + मार्ग

दो मूल सार्थक पद

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त् + म = न्म
✓Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)

सन्मार्ग

Sanmarga (Sat + Marga)

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Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र)

हिंदी व्याकरण नियम व्याख्या (Rule Explanation in Hindi):

"त्" के बाद अनुनासिक वर्ण "म्" आने पर "त्" त-वर्ग के पाँचवें अनुनासिक वर्ण "न्" में बदल जाता है।

English Grammatical Rule & Principle:

Dental "t" mutates into dental nasal "n" when encountering labial nasal "m".

मूल सूत्र: वर्ग का पहला वर्ण (क्, ट्, त्, प्) + अनुनासिक वर्ण (न् या म्) = अपने ही वर्ग का पाँचवाँ वर्ण (ङ्, ण्, न्, म्)
संपूर्ण नियम व्याख्या देखें →
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Sentence Usage (वाक्य प्रयोग)

प्रामाणिक हिंदी वाक्य प्रयोग:

"सच्चे गुरु सदैव अपने शिष्यों को कुमार्ग त्याग कर सन्मार्ग पर चलने का उपदेश देते हैं।"

English Translation:

"A true teacher always counsels disciples to abandon wrongdoing and walk the righteous path (Sanmarga)."

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'सन्मार्ग' से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

"सन्मार्ग" का सही संधि विच्छेद क्या है?▼

"सन्मार्ग" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "सत् + मार्ग" है।

"सन्मार्ग" में कौन सी संधि है?▼

"सन्मार्ग" में मुख्य रूप से "व्यंजन संधि" (विशिष्ट उपभेद: वर्ग के पहले वर्ण का पाँचवें वर्ण में परिवर्तन) है।

"सन्मार्ग" के विच्छेद में कौन सा व्याकरण नियम और सूत्र प्रयुक्त हुआ है?▼

"त्" के बाद अनुनासिक वर्ण "म्" आने पर "त्" त-वर्ग के पाँचवें अनुनासिक वर्ण "न्" में बदल जाता है। (ध्वनि सूत्र: त् + म = न्म)

What is the meaning and sentence usage of "सन्मार्ग" in English?▼

English Translation: "A true teacher always counsels disciples to abandon wrongdoing and walk the righteous path (Sanmarga)." | Sentence in Hindi: "सच्चे गुरु सदैव अपने शिष्यों को कुमार्ग त्याग कर सन्मार्ग पर चलने का उपदेश देते हैं।"

वर्ग के पहले वर्ण का पाँचवें वर्ण में परिवर्तन के अन्य प्रमुख शब्द

सभी उदाहरण देखें →
Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)वाक् + मय
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)वाङ्मय

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में स्थित "क्" के बाद अनुनासिक वर्ण "म्" आने पर "क्" अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण (अनुनासिक) "ङ्" में बदल जाता है।

"प्राचीन भारतीय संस्कृत वाङ्मय ज्ञान-विज्ञान, दर्शन और मानवीय संवेदनाओं का अक्षय भंडार है।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)उत् + नति
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)उन्नति

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंतिम वर्ण "त्" के बाद अनुनासिक वर्ण "न्" आने पर "त्" अपने वर्ग के पाँचवें वर्ण "न्" में बदल जाता है।

"निरंतर कठोर अनुशासन और परिश्रम करने वाले युवा जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति प्राप्त करते हैं।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)जगत् + नाथ
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)जगन्नाथ

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "त्" के बाद अनुनासिक व्यंजन "न्" आने पर "त्" अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण "न्" में परिवर्तित होकर द्वित्व (न्न) बनाता है।

"पुरी स्थित जगन्नाथ मन्दिर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली रथयात्रा विश्व प्रसिद्ध है।"

Sandhi Vichchhed (Split Form) (संधि विच्छेद)षट् + मास
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Combined Word (Sandhiyukt Shabd) (संधियुक्त शब्द)षण्मास

Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ट-वर्ग के प्रथम वर्ण "ट्" के बाद अनुनासिक वर्ण "म्" आने पर "ट्" अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण "ण्" में बदल जाता है।

"गुरुकुल में छह महीनों (षण्मास) की सघन साधना के उपरांत शिष्यों की परीक्षा ली जाती थी।"