Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य व्यंजन "त" आने पर विसर्ग दन्त्य वर्ण आधे "स्" में बदल जाता है।
"भारतीय शिष्टाचार में हाथ जोड़कर नमस्ते करना आदर और विनम्रता का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है।"
दो मूल सार्थक पद
Nissandeh (Nih + Sandeh)
विसर्ग के बाद दन्त्य "स" आने पर विसर्ग का आधा "स्" में द्वित्व रूपांतरण हो जाता है।
Before sibilant "s", visarga transforms into half "s", yielding the double consonant "ss".
"निस्संदेह, ईमानदारी और निष्ठा से किया गया कर्तव्य निर्वहन ही मनुष्य को महान बनाता है।"
"Undoubtedly (Nissandeh), discharging duties with integrity and dedication alone makes a person great."
"निस्संदेह" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "निः + संदेह" है।
"निस्संदेह" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का दन्त्य 'स्' में परिवर्तन) है।
विसर्ग के बाद दन्त्य "स" आने पर विसर्ग का आधा "स्" में द्वित्व रूपांतरण हो जाता है। (ध्वनि सूत्र: ः + स = स्स)
English Translation: "Undoubtedly (Nissandeh), discharging duties with integrity and dedication alone makes a person great." | Sentence in Hindi: "निस्संदेह, ईमानदारी और निष्ठा से किया गया कर्तव्य निर्वहन ही मनुष्य को महान बनाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य व्यंजन "त" आने पर विसर्ग दन्त्य वर्ण आधे "स्" में बदल जाता है।
"भारतीय शिष्टाचार में हाथ जोड़कर नमस्ते करना आदर और विनम्रता का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य वर्ण "त" आने पर विसर्ग का आधा दन्त्य "स्" बन जाता है।
"अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के बल पर पर्वतारोही ने दुस्तर हिमाच्छादित पर्वत को पार कर लिया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "त" आने पर विसर्ग दन्त्य "स्" में परिवर्तित हो जाता है।
"दीर्घकालिक बीमारी के कारण रोगी का चेहरा सर्वथा निस्तेज और दुर्बल दिखाई दे रहा था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य "स" आने पर विसर्ग भी आधे "स्" में बदल जाता है (अथवा विसर्ग ज्यों का त्यों रह सकता है: निःसंकोच)।
"यदि मन में कोई जिज्ञासा या प्रश्न हो, तो अध्यापक से निस्संकोच होकर पूछना चाहिए।"