Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य व्यंजन "त" आने पर विसर्ग दन्त्य वर्ण आधे "स्" में बदल जाता है।
"भारतीय शिष्टाचार में हाथ जोड़कर नमस्ते करना आदर और विनम्रता का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है।"
दो मूल सार्थक पद
Namaskar (Namah + Kaar)
"नमः" पद के विसर्ग के उपरांत "क" वर्ण आने पर विसर्ग दन्त्य आधे "स्" में बदल जाता है।
In "namah", visarga exceptionally mutates into dental sibilant "s" when followed by "k".
"सभा में प्रवेश करते ही विद्वान वक्ता ने दोनों हाथ जोड़कर श्रोताओं का नमस्कार किया।"
"Upon entering the hall, the learned orator greeted (Namaskar) the audience with folded hands."
"नमस्कार" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "नमः + कार" है।
"नमस्कार" में मुख्य रूप से "विसर्ग संधि" (विशिष्ट उपभेद: विसर्ग का दन्त्य 'स्' में परिवर्तन) है।
"नमः" पद के विसर्ग के उपरांत "क" वर्ण आने पर विसर्ग दन्त्य आधे "स्" में बदल जाता है। (ध्वनि सूत्र: ः + क = स्क (अपवादिक दन्त्य स्))
English Translation: "Upon entering the hall, the learned orator greeted (Namaskar) the audience with folded hands." | Sentence in Hindi: "सभा में प्रवेश करते ही विद्वान वक्ता ने दोनों हाथ जोड़कर श्रोताओं का नमस्कार किया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य व्यंजन "त" आने पर विसर्ग दन्त्य वर्ण आधे "स्" में बदल जाता है।
"भारतीय शिष्टाचार में हाथ जोड़कर नमस्ते करना आदर और विनम्रता का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य वर्ण "त" आने पर विसर्ग का आधा दन्त्य "स्" बन जाता है।
"अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के बल पर पर्वतारोही ने दुस्तर हिमाच्छादित पर्वत को पार कर लिया।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद "त" आने पर विसर्ग दन्त्य "स्" में परिवर्तित हो जाता है।
"दीर्घकालिक बीमारी के कारण रोगी का चेहरा सर्वथा निस्तेज और दुर्बल दिखाई दे रहा था।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): विसर्ग के बाद दन्त्य "स" आने पर विसर्ग भी आधे "स्" में बदल जाता है (अथवा विसर्ग ज्यों का त्यों रह सकता है: निःसंकोच)।
"यदि मन में कोई जिज्ञासा या प्रश्न हो, तो अध्यापक से निस्संकोच होकर पूछना चाहिए।"