Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "क्" के बाद दीर्घ स्वर "ई" आने पर क-वर्ग का प्रथम वर्ण "क्" अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण "ग्" में परिवर्तित हो जाता है।
"वाणी और विद्या के अधिष्ठाता होने के कारण महर्षि को वागीश की उपाधि प्रदान की गई।"
दो मूल सार्थक पद
Digambar (Dik + Ambar)
प्रथम पद के अंत में स्थित क-वर्ग के प्रथम वर्ण "क्" के बाद स्वर "अ" आने पर "क्" अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण "ग्" में बदल जाता है।
The first unvoiced consonant "k" softens into voiced "g" upon meeting vowel "a".
"जैन धर्म में वस्त्र त्याग कर दिशाओं को ही वस्त्र मानने वाले मुनियों को दिगम्बर कहा जाता है।"
"In Jain philosophy, monks who renounce clothes and consider sky as their garment are called Digambar."
"दिगम्बर" का शुद्ध एवं प्रामाणिक संधि विच्छेद "दिक् + अम्बर" है।
"दिगम्बर" में मुख्य रूप से "व्यंजन संधि" (विशिष्ट उपभेद: वर्ग के पहले वर्ण का तीसरे वर्ण में परिवर्तन) है।
प्रथम पद के अंत में स्थित क-वर्ग के प्रथम वर्ण "क्" के बाद स्वर "अ" आने पर "क्" अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण "ग्" में बदल जाता है। (ध्वनि सूत्र: क् + अ = ग)
English Translation: "In Jain philosophy, monks who renounce clothes and consider sky as their garment are called Digambar." | Sentence in Hindi: "जैन धर्म में वस्त्र त्याग कर दिशाओं को ही वस्त्र मानने वाले मुनियों को दिगम्बर कहा जाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): "क्" के बाद दीर्घ स्वर "ई" आने पर क-वर्ग का प्रथम वर्ण "क्" अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण "ग्" में परिवर्तित हो जाता है।
"वाणी और विद्या के अधिष्ठाता होने के कारण महर्षि को वागीश की उपाधि प्रदान की गई।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): प्रथम पद के अंत में "क्" के बाद किसी भी वर्ग का तीसरा वर्ण "ग्" आने पर "क्" अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण "ग्" में बदल जाता है।
"साहित्य और राजनीति के दिग्गज विद्वानों ने राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): च-वर्ग के प्रथम वर्ण "च्" के बाद स्वर "अ" आने पर "च्" अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण "ज्" में परिवर्तित हो जाता है।
"संस्कृत व्याकरण में जिन शब्दों के अंत में स्वर होता है, उन्हें अजंत शब्द कहा जाता है।"
Grammar Rule & Principle (व्याकरण नियम व सूत्र): ट-वर्ग के प्रथम वर्ण "ट्" के बाद दीर्घ स्वर "आ" आने पर "ट्" अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण "ड्" में बदल जाता है।
"छह मुख होने के कारण देवसेनापति कार्तिकेय को षडानन भी कहा जाता है।"