दोहा छंद (13-11 मात्राएँ)
Classical Couplet (दोहा)

तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान।भीलन लूटीं गोपियाँ, वही अर्जुन वही बान॥

Tulsi nar ka kya bada, samay bada balwaan. Bheelan looteen gopiyan, wahi arjun wahi baan.

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Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या)

हिंदी सरल व्याख्या (Hindi Vyakhya):

तुलसीदास जी काल और समय की सर्वोपरिता का वर्णन करते हुए कहते हैं कि मनुष्य स्वयं कभी महान अथवा अजेय नहीं होता, केवल समय ही सबसे अधिक बलवान होता है। वही महाधनुर्धर अर्जुन और वही गांडीव धनुष-बाण थे, परंतु समय प्रतिकूल होने पर सामान्य भीलों ने उनके सामने गोपियों को लूट लिया था।

English Translation & Meaning:

Tulsidas reflects that no human being possesses intrinsic supremacy; time and destiny alone are all-powerful. It was the same invincible hero Arjuna wielding the same divine Gandiva bow, yet when time turned adverse, ordinary forest dwellers overpowered him and looted the herd.

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Literary Context & Source (साहित्यिक संदर्भ व स्रोत)

मूल ग्रंथ / संकलन: दोहावली / लोकप्रसिद्ध नीति
काव्य विधा: दोहा (मात्रिक छंद)

गोस्वामी तुलसीदास का यह दोहा 16वीं शताब्दी (भक्तिकाल - सगुण रामाश्रयी शाखा) की अमर साहित्यिक धरोहर है। यह दोहा मध्यकालीन भक्ति एवं नीति काव्य परंपरा का अत्यंत प्रामाणिक अंश है जो जीवन के व्यावहारिक सत्य, सदाचार और मानवीय चेतना को जागृत करता है।

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"तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान।" दोहे के रचयिता कौन हैं?▼

यह प्रसिद्ध एवं प्रामाणिक दोहा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है। यह दोहा 'दोहावली / लोकप्रसिद्ध नीति' में संकलित है।

"तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान।" दोहे का सरल हिंदी भावार्थ (व्याख्या) क्या है?▼

तुलसीदास जी काल और समय की सर्वोपरिता का वर्णन करते हुए कहते हैं कि मनुष्य स्वयं कभी महान अथवा अजेय नहीं होता, केवल समय ही सबसे अधिक बलवान होता है। वही महाधनुर्धर अर्जुन और वही गांडीव धनुष-बाण थे, परंतु समय प्रतिकूल होने पर सामान्य भीलों ने उनके सामने गोपियों को लूट लिया था।

What is the English meaning of the doha "तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान।"?▼

Tulsidas reflects that no human being possesses intrinsic supremacy; time and destiny alone are all-powerful. It was the same invincible hero Arjuna wielding the same divine Gandiva bow, yet when time turned adverse, ordinary forest dwellers overpowered him and looted the herd.

यह दोहा किस विषय और जीवन-मूल्य पर आधारित है?▼

यह दोहा मुख्य रूप से 'समय एवं नश्वरता' (Time & Transience) विषय पर आधारित है, जो मानव जीवन में सदाचार, विवेक और आत्म-सुधार की प्रेरणा देता है।

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का बरखा जब कृषी सुखानें। समय चूकि पुनि का पछितानें॥

अस जियँ जानि जानकी जानी। करि प्रनाम प्रभु चरन बिकानी॥

Ka barakha jab krishi sukhaane. Samay chooki puni ka pachhitaane. / As jiyan jaani jaanaki jaani. Kari pranaam prabhu charan bikaani.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

तुलसीदास जी समय की महत्ता का लोकप्रसिद्ध सिद्धांत प्रस्तुत करते हैं कि जब सारी खेती सूख गई, तब वर्षा होने से क्या लाभ? और जब उचित अवसर हाथ से निकल गया, तब व्यर्थ पछताने से क्या लाभ? कार्य को सही समय पर तत्परता से पूरा करना ही बुद्धिमानी है।

English: Of what use is the torrential rain once the entire harvest has withered away? Similarly, what purpose does remorse serve once the opportune moment has slipped by? Tulsidas emphasizes that timely action alone yields success; procrastination leads only to regret.

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तुलसी अवसर चूकि कै, पछितावै मन माँहि।

समय गँवाए फेरि कहुँ, आवत पाछै नाहिं॥

Tulsi avsar chooki kai, pachhitaawai man maahin. / Samay ganwaaye pheri kahun, aavat paachhai naahin.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

तुलसीदास जी कहते हैं कि जो मनुष्य उचित अवसर प्राप्त होने पर प्रमादवश चूक जाता है, वह बाद में अपने मन में केवल पश्चाताप करता रह जाता है। बीता हुआ समय संसार में किसी भी मूल्य पर कभी वापस लौटकर नहीं आता, इसलिए वर्तमान क्षण में ही सत्कर्म कर लेना चाहिए।

English: Tulsidas warns that one who misses the golden opportunity through carelessness is left only with silent regret. Once squandered, elapsed time never returns at any cost; hence, one must embrace the present moment for virtuous and diligent work.

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तुलसी दिवस गँवाइयो, सोइ कै बीती रात।

हीरा जनम अमोल था, कौड़ी बदले जात॥

Tulsi diwas ganwaaiyo, soi kai beeti raat. / Heera janam amol tha, kaudi badle jaat.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

तुलसीदास जी चेतावनी देते हैं कि मनुष्य ने अपने दिन व्यर्थ के सांसारिक प्रपंचों में गँवा दिए और रातें अज्ञान की नींद में सोकर बिता दीं। यह दुर्लभ मानव जन्म हीरे के समान अमूल्य था, जिसे अज्ञानतावश मनुष्य ने कौड़ियों के भाव व्यर्थ नष्ट कर दिया।

English: Tulsidas laments the squandering of life: mortals waste the daytime in trivial worldly pursuits and pass the night in unconscious sleep. This precious human birth, invaluable like a priceless diamond, is foolishly bartered away for worthless cowrie shells.

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धरम न दूसर सत्य समाना। आगम निगम पुरान बखाना॥

बिप्र धेनु सुर संत हित, लीन्ह मनुज अवतार॥

Dharama na doosar satya samana. Aagam nigam puran bakhana. / Bipra dhenu sur sant hit, leenh manuj avatar.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि सत्य के समान संसार में कोई दूसरा महान धर्म अथवा कर्तव्य नहीं है; चारों वेद, शास्त्र और पुराण भी इसी परम सत्य का गुणगान करते हैं। सत्य और धर्म की रक्षा हेतु ही प्रभु ने साधु-संतों, गौ और देवताओं के कल्याणार्थ मनुष्य रूप में अवतार धारण किया।

English: Goswami Tulsidas proclaims that there is no virtue or duty greater than truth in this universe, as celebrated by all Vedic scriptures and Puranas. It is solely to uphold truth and protect the righteous, the gentle, and the seekers that the Divine incarnates in human form.

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