Classical Couplet (दोहा)

मथत मथत माखन रहे, दही मही बिलगाय।रहिमन सोई मीत है, भीर परे ठहराय॥

Mathat mathat maakhan rahe, dahi mahi bilgaay. Rahiman soyi meet hai, bheer pare thahraay.

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Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या)

हिंदी सरल व्याख्या (Hindi Vyakhya):

रहीम जी सच्चे मित्र की तुलना मक्खन से करते हुए कहते हैं कि जब दही को मथा जाता है, तो छाछ (मही) अलग हो जाती है, किंतु मक्खन मथने की प्रक्रिया के बाद भी अपने सार रूप में टिका रहता है और ऊपर उभर आता है। इसी प्रकार, जो व्यक्ति संकट, विपत्ति और परीक्षा की घड़ी में विचलित हुए बिना मित्र के साथ अडिग खड़ा रहे, वही वास्तव में सच्चा मित्र होता है।

English Translation & Meaning:

Through relentless churning, the whey separates and flows away, but the wholesome butter remains steadfast and rises to the top. Rahim declares that he alone is a true friend who stays steadfastly beside you when adversity falls.

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Literary Context & Source (साहित्यिक संदर्भ व स्रोत)

मूल ग्रंथ / संकलन: रहीम सतसई (सच्ची मित्रता)
काव्य विधा: दोहा (मात्रिक छंद)

रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) का यह दोहा 16वीं-17वीं शताब्दी (मध्यकालीन नीति व शृंगार काव्य) की अमर साहित्यिक धरोहर है। यह दोहा मध्यकालीन भक्ति एवं नीति काव्य परंपरा का अत्यंत प्रामाणिक अंश है जो जीवन के व्यावहारिक सत्य, सदाचार और मानवीय चेतना को जागृत करता है।

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"मथत मथत माखन रहे, दही मही बिलगाय।" दोहे के रचयिता कौन हैं?▼

यह प्रसिद्ध एवं प्रामाणिक दोहा रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) द्वारा रचित है। यह दोहा 'रहीम सतसई (सच्ची मित्रता)' में संकलित है।

"मथत मथत माखन रहे, दही मही बिलगाय।" दोहे का सरल हिंदी भावार्थ (व्याख्या) क्या है?▼

रहीम जी सच्चे मित्र की तुलना मक्खन से करते हुए कहते हैं कि जब दही को मथा जाता है, तो छाछ (मही) अलग हो जाती है, किंतु मक्खन मथने की प्रक्रिया के बाद भी अपने सार रूप में टिका रहता है और ऊपर उभर आता है। इसी प्रकार, जो व्यक्ति संकट, विपत्ति और परीक्षा की घड़ी में विचलित हुए बिना मित्र के साथ अडिग खड़ा रहे, वही वास्तव में सच्चा मित्र होता है।

What is the English meaning of the doha "मथत मथत माखन रहे, दही मही बिलगाय।"?▼

Through relentless churning, the whey separates and flows away, but the wholesome butter remains steadfast and rises to the top. Rahim declares that he alone is a true friend who stays steadfastly beside you when adversity falls.

यह दोहा किस विषय और जीवन-मूल्य पर आधारित है?▼

यह दोहा मुख्य रूप से 'सत्संगति एवं मित्रता' (Good Company & Friendship) विषय पर आधारित है, जो मानव जीवन में सदाचार, विवेक और आत्म-सुधार की प्रेरणा देता है।

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रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय।

टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परि जाय॥

Rahiman dhaaga prem ka, mat toro chatkaay. / Toote pe phir na jure, jure gaanth pari jaay.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि प्रेम और आपसी विश्वास का संबंध एक कोमल और नाजुक धागे के समान होता है। इसे क्रोध, अहंकार या नासमझी के झटके से कभी नहीं तोड़ना चाहिए। यदि यह प्रेम रूपी धागा एक बार टूट जाता है, तो फिर पहले जैसा नहीं जुड़ता; और यदि बहुत प्रयास करके उसे जोड़ भी लिया जाए, तो उसमें सदा के लिए एक अविश्वास और संकोच की गाँठ पड़ जाती है।

English: Rahim counsels never to snap the delicate thread of love in a sudden fit of anger or ego. Once severed, it cannot be rejoined as before; and even if re-tied, an indelible knot of distrust and distance remains forever in the relationship.

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जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसंग।

चंदन विष व्यापत नहीं, लपटे रहत भुजंग॥

Jo rahim uttam prakriti, ka kari sakat kusang. / Chandan vish vyaapat nahin, lapte rahat bhujang.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि जिस मनुष्य का स्वभाव और चरित्र दृढ़, श्रेष्ठ तथा उत्तम होता है, बुरी संगति (कुसंग) उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। जिस प्रकार चंदन के शीतल वृक्ष पर सदैव विषैले सर्प लिपटे रहते हैं, फिर भी चंदन में विष का लेशमात्र भी प्रभाव नहीं फैलता और वह अपनी सुगंध नहीं छोड़ता; उसी प्रकार सत्पुरुष दुर्जनों के बीच रहकर भी अपने सद्गुणों को बनाए रखते हैं।

English: For a person endowed with upright character and noble disposition, evil companionship can cause no corruption. Sandalwood trees remain eternally embraced by venomous serpents, yet not a trace of poison permeates their sweet, cooling fragrance.

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कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीति।

बिपति कसौटी जे कसे, तेई साँचे मीत॥

Kahi rahim sampati sage, banat bahut bahu reeti. / Bipati kasauti je kase, teyi saanche meet.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी सच्चे मित्र की पहचान बताते हुए कहते हैं कि जब हमारे पास धन-दौलत, पद और समृद्धि होती है, तब तो अनेक लोग अनेक प्रकार से बहाने बनाकर हमारे सगे-संबंधी और मित्र बनने का ढोंग करते हैं। परंतु जो व्यक्ति विपत्ति, संकट और निर्धनता के समय कसौटी पर खरा उतरे और साथ न छोड़े, वास्तव में वही सच्चा मित्र होता है। संकट ही मित्रता की सच्ची परीक्षा है।

English: When wealth and prosperity abound, countless people flock around pretending companionship in myriad ways. But those steadfast souls who endure the touchstone of adversity without fleeing are the only true friends.

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रूठे सुजन मनाइए, जौ रूठैं सौ बार।

रहिमन फिरि फिरि पोइए, टूटे मुक्ताहार॥

Roothe sujan manaaiye, jau roothain sau baar. / Rahiman phiri phiri poiye, toote muktahaar.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी सज्जनों के महत्त्व को बताते हुए कहते हैं कि यदि कोई सच्चा हितैषी अथवा सज्जन व्यक्ति किसी कारणवश आपसे रूठ जाए, तो उसे तुरंत मना लेना चाहिए, भले ही वह सौ बार रूठे। जिस प्रकार यदि मोतियों की बहुमूल्य माला टूट जाए, तो हम उन मोतियों को फेंकते नहीं बल्कि बार-बार धागे में पिरोकर सहेजते हैं; उसी प्रकार सज्जन पुरुष समाज के अनमोल मोती हैं, उन्हें खोना नहीं चाहिए।

English: Reconcile with a virtuous and wise friend even if they take offense a hundred times, counsels Rahim. Just as one repeatedly re-strings a broken necklace of genuine pearls rather than casting them aside, a noble soul is a treasure never to be lost.

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