Classical Couplet (दोहा)

अमृत ऐसे बचन में, रहिमन रिस की गाँस।जैसे मिसरीहु में मिली, नीरस बाँस की फाँस॥

Amrit aise bachan mein, rahiman ris ki gaans. Jaise misreehu mein mili, neeras baans ki faans.

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Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या)

हिंदी सरल व्याख्या (Hindi Vyakhya):

रहीम जी क्रोध के दुष्परिणाम को बताते हुए कहते हैं कि अत्यंत मधुर, अमृत तुल्य बातचीत के बीच में यदि क्रोध अथवा कटुता की एक भी बात आ जाए, तो वह पूरे संवाद के आनंद को नष्ट कर देती है। यह ठीक वैसा ही है जैसे स्वादिष्ट और मीठी मिश्री खाते समय यदि उसमें सूखी बाँस की फाँस आ जाए, तो वह मुँह के सारे स्वाद को बिगाड़ देती है और पीड़ा पहुँचाती है।

English Translation & Meaning:

In words sweet as celestial nectar, a sudden thorn of fury ruins all beauty, cautions Rahim. It is precisely like discovering a dry, piercing splinter of bamboo lodged inside a piece of crystal candy, destroying all delight and causing pain.

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Literary Context & Source (साहित्यिक संदर्भ व स्रोत)

मूल ग्रंथ / संकलन: रहीम सतसई (क्रोध निषेध)
काव्य विधा: दोहा (मात्रिक छंद)

रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) का यह दोहा 16वीं-17वीं शताब्दी (मध्यकालीन नीति व शृंगार काव्य) की अमर साहित्यिक धरोहर है। यह दोहा मध्यकालीन भक्ति एवं नीति काव्य परंपरा का अत्यंत प्रामाणिक अंश है जो जीवन के व्यावहारिक सत्य, सदाचार और मानवीय चेतना को जागृत करता है।

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"अमृत ऐसे बचन में, रहिमन रिस की गाँस।" दोहे के रचयिता कौन हैं?▼

यह प्रसिद्ध एवं प्रामाणिक दोहा रहीम (अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना) द्वारा रचित है। यह दोहा 'रहीम सतसई (क्रोध निषेध)' में संकलित है।

"अमृत ऐसे बचन में, रहिमन रिस की गाँस।" दोहे का सरल हिंदी भावार्थ (व्याख्या) क्या है?▼

रहीम जी क्रोध के दुष्परिणाम को बताते हुए कहते हैं कि अत्यंत मधुर, अमृत तुल्य बातचीत के बीच में यदि क्रोध अथवा कटुता की एक भी बात आ जाए, तो वह पूरे संवाद के आनंद को नष्ट कर देती है। यह ठीक वैसा ही है जैसे स्वादिष्ट और मीठी मिश्री खाते समय यदि उसमें सूखी बाँस की फाँस आ जाए, तो वह मुँह के सारे स्वाद को बिगाड़ देती है और पीड़ा पहुँचाती है।

What is the English meaning of the doha "अमृत ऐसे बचन में, रहिमन रिस की गाँस।"?▼

In words sweet as celestial nectar, a sudden thorn of fury ruins all beauty, cautions Rahim. It is precisely like discovering a dry, piercing splinter of bamboo lodged inside a piece of crystal candy, destroying all delight and causing pain.

यह दोहा किस विषय और जीवन-मूल्य पर आधारित है?▼

यह दोहा मुख्य रूप से 'मधुर वाणी एवं सद्व्यवहार' (Sweet Speech & Conduct) विषय पर आधारित है, जो मानव जीवन में सदाचार, विवेक और आत्म-सुधार की प्रेरणा देता है।

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रहिमन जिह्वा बावरी, कहि गइ सरग पताल।

आप तो कहि भीतर रही, जूती खात कपाल॥

Rahiman jihwa baawari, kahi gayi sarag pataal. / Aap to kahi bheetar rahi, jooti khaat kapaal.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी वाणी के असंयम पर हास्य और व्यंग्य के साथ गंभीर चेतावनी देते हुए कहते हैं कि यह जीभ (जिह्वा) तो पगली है, जो बिना सोचे-समझे स्वर्ग और पाताल की अनर्गल बातें कह डालती है। वह तो बोलकर तुरंत मुँह के भीतर सुरक्षित छिप जाती है, किंतु उसके द्वारा कहे गए अनुचित शब्दों का दंड बेचारे सिर (कपाल) को जूतियों की मार सहकर भुगतना पड़ता है। जीभ पर नियंत्रण रखें।

English: The tongue is utterly reckless: it blurts out wild, unrestrained words reaching from heaven to the underworld. Having spoken, it slips safely back behind the teeth, while the poor head is left to suffer the blows and shoes of retribution. Guard the tongue.

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रहिमन तब लगि मौन भल, जब लगि बोल न जान।

बोलत ही खुलि जात है, सब मूरख की बान॥

Rahiman tab lagi maun bhal, jab lagi bol na jaan. / Bolat hi khuli jaat hai, sab moorakh ki baan.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी मौन के महत्त्व को प्रतिपादित करते हुए कहते हैं कि जब तक किसी विषय का यथार्थ ज्ञान न हो और उचित ढंग से बोलना न आता हो, तब तक मौन धारण किए रहना ही सबसे श्रेष्ठ है। क्योंकि एक मूर्ख व्यक्ति जब तक चुप रहता है तब तक उसकी मूर्खता छिपी रहती है, परंतु जैसे ही वह मुँह खोलता है, उसकी सारी अज्ञानता और मूर्खता संसार के सामने तुरंत प्रकट हो जाती है।

English: Silence is golden until one learns to speak with genuine wisdom, cautions Rahim. A fool remains undetected as long as he holds his tongue, but the instant he speaks, his ignorance is laid bare before everyone.

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रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय।

टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परि जाय॥

Rahiman dhaaga prem ka, mat toro chatkaay. / Toote pe phir na jure, jure gaanth pari jaay.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी कहते हैं कि प्रेम और आपसी विश्वास का संबंध एक कोमल और नाजुक धागे के समान होता है। इसे क्रोध, अहंकार या नासमझी के झटके से कभी नहीं तोड़ना चाहिए। यदि यह प्रेम रूपी धागा एक बार टूट जाता है, तो फिर पहले जैसा नहीं जुड़ता; और यदि बहुत प्रयास करके उसे जोड़ भी लिया जाए, तो उसमें सदा के लिए एक अविश्वास और संकोच की गाँठ पड़ जाती है।

English: Rahim counsels never to snap the delicate thread of love in a sudden fit of anger or ego. Once severed, it cannot be rejoined as before; and even if re-tied, an indelible knot of distrust and distance remains forever in the relationship.

रहिमन धागा प्रेम का • प्रेम का महत्वपूरी व्याख्या व संदर्भ→
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रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।

पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून॥

Rahiman paani rakhiye, bin paani sab soon. / Paani gaye na oobarai, moti, maanush, choon.

Meaning & Commentary (भावार्थ एवं व्याख्या):

रहीम जी श्लेष अलंकार का अप्रतिम प्रयोग करते हुए 'पानी' के संरक्षण का संदेश देते हैं। वे कहते हैं कि जीवन में पानी अवश्य बनाए रखना चाहिए, क्योंकि पानी के बिना सब कुछ व्यर्थ (शून्य) है। पानी (चमक/आभा) के बिना मोती मूल्यहीन है, पानी (सम्मान/प्रतिष्ठा/विनम्रता) के बिना मनुष्य का कोई अस्तित्व नहीं, और पानी (जल) के बिना चूना या आटा किसी काम का नहीं रहता।

English: Preserve water with the utmost care, for without water all creation becomes desolate, advises Rahim. When water is lost, three things lose all worth: the pearl loses its luster, human beings lose their honor and dignity, and flour or lime cannot bind into substance.

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